अखाड़ा के साधुओं से लेकर सोशल मीडिया तक आखिर क्यों महाराष्ट्र पुलिस और सरकार की हो रही निंदा

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

एक वीडियो तेजी से वायरल हो रही है इस वीडियो पर लोग अपनी बुद्धि अनुसार प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वीडियो देखने वाले इन सब लोगों में एक भाव सीमिलर है कि पुलिस इतनी क्रूर कैसे हो सकती है! घटनास्थल पर खड़े पुलिसकर्मीयों की फौज को क्या जरा सी भी दया नहीं आयी।

दरअसल महाराष्ट्र के पालघर जिले में जूना अखाड़े के दो साधुओं की निर्मम हत्या हुई इस पर उद्धवसरकार ऐक्शन में आ गई है। पुलिस ने साधुओं की हत्या के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस बात की जानकारी महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय ने दी। 

महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से किए गए ट्वीट में कहा है, “पालघर की घटना पर कार्रवाई की गई है। जिन्होंने 2 साधुओं, एक ड्राइवर और पुलिसकर्मियों पर हमला किया था, पुलिस ने घटना के दिन ही उन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस अपराध और शर्मनाक कृत्य के अपराधियों को कठोर दण्ड दिया जाएगा।”

पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए ग्रामीणों और 110 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिनमें से 101 को 30 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है और नौ नाबालिगों को एक किशोर आश्रय गृह में भेज दिया गया है।

क्या है पूरा मामला

वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक निहत्था बुजुर्ग भगवाधारी साधु पुलिसवाले का सहारा लेने की कोशिश करता है, लेकिन पुलिसवाला उस साधु को उन लोगों की ओर ही धकेल देता है जो चारों ओर से घेरकर उस पर डंडे बरसाने शुरू कर देते हैं। इसके बाद भी साधु एक बार फिर पुलिसवाले का संरक्षण लेने का प्रयास करता है तो पुलिसवाला फिर उसे उन्हीं हैवानों की ओर धकेल देता है। सबसे डरावना यही है कि पुलिस साधु को बचाने का प्रयास ही नहीं करती। अब पुलिस कह रही है कि चोर होने की अफवाह फैलने पर ये हत्याएं की गईं।

इतना ही नहीं, इसके बाद की घटना और हृदयविदारक है। दूसरा बुजुर्ग साधु जो लहूलुहान है और पास ही गोदाम जैसी जगह पर छिप गया था, उसे पुलिसवाला खुद ही निकाल कर बाहर लाता है। बुजुर्ग साधु बुरी तरह कांपते हुआ पुलिसवाले का हाथ पकड़े हुए आगे बढ़ता है। थोड़ा आगे आते ही पुलिसवाले का हाथ पकड़े-पकड़े ही वो हैवान साधु पर डंडे बरसाने शुरू कर देते हैं।

पीछे से साधु को लात और डंडे मारते रहते हैं। जैसे ही पुलिसवाला साधु को लेकर खुले में पहुंचता है, हाथों में लाठियां-डंडे लिए हैवान चारों ओर से घेरकर मारना शुरू कर देते हैं। पुलिसवाला भी पीछे हट जाता है और बेबस साधु गाड़ी की ओर भागने का प्रयास करता है, लेकिन वहां पहले से ही खड़े हैवान और लाठियां बरसा रहे हैवान साधु को नीचे गिराकर तब तक लाठियां-डंडे बरसाते रहते हैं, जब कि साधु दम नहीं तोड़ देता। इसके बाद पुलिसवाले लावारिसों की तरह दोनों के शवों को गाड़ी डालकर ले जाते हैं।

नेताओं संग आम लोगों के आरोप

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना को अमानवीय करार देते हुए ट्वीट कर कहा कि पालघर जिले की इस घटना का वीडियो काफी हैरान करने वाला और अमानवीय है। कोरोना महामारी के संकट के बीच इस तरह की घटना और भी ज्यादा परेशान करने वाली है। फडणवीस ने आगे लिखते हुए कहा कि मैं राज्य सरकार से गुजारिश करना चाहता हूं कि वह इस घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाएं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाई करें। 

संबित पात्रा ने इस घटना का एक और वीडियो साझा करते हुए कहा कि यह घटना ‘हृदयविदारक’ है… उन्होंने आगे लिखते हुए कहा कि बेबस संत पुलिस के पीछे अपनी जान बचाने भाग रहा है और ऐसा साफ़ दिख रहा है की पुलिस न केवल अपनी ज़िम्मेदारी से पीछे हट रही है अपितु ऐसा लगता है की बेचारे संत को भीड़ में धकेला जा रहा है। महाराष्ट्र में ये क्या हो रहा है?

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने रोष दिखाते हुए कहा, “वीडियो के सामने आने के बाद पता चलता है कि पालघर में हुए इस लंचिंग की घटना के वक़्त वहां कोई 1 या 2 पुलिस वाले नहीं थे बल्कि पुलिस की पूरी फ़ौज मौजूद थी तब भी इस घटना को अंजाम दिया गया और पुलिस मूक दर्शक बनकर खड़ी रह गई। यह सोचने के लिए बाध्य करती है की पुलिस को ऐसी क्या मजबूरी थी की उनके आँखो के सामने ये जघन्य अपराध को अंजाम दिया गया? महाराष्ट्र सरकार को बहुत कुछ का जवाब देना है।”

सोशल मीडिया का मूड

यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भीषण आक्रोश देखा जा रहा है। लोग सवाल कर रहे हैं कि इन साधुओं की जगह अगर किसी दूसरे धर्म के धर्मगुरुओं के साथ ऐसा हो जाता तो पूरी दुनिया में हंगामा मच जाता, लेकिन चूंकि ये साधु हिन्दू थे, इसलिए न किसी को चिंता नहीं हो रही है, न किसी और को दिख रहा है कि किस तरह समुदाय विशेष के लोगों ने निहत्थे बुजुर्ग साधुओं को पीट-पीटकर मार डाला। लोग महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर भी सवाल उठा रहे हैं कि अपनी कुर्सी बचाने के लालच में वो किस हद तक गिरेंगे?

साधु अखाड़ा ने क्या कहा

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से दोनों संतों की हत्या की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने आरोप लगाया है कि कोरोना के बहाने धर्म विशेष के लोग साधु-संतों से बदला ले रहे हैं। लॉक डाउन के खत्म होने के बाद बड़ी संख्या में संत महात्मा महाराष्ट्र सरकार का घेराव करेंगे और इस मामले में कार्रवाई के लिए दबाव भी बनाएंगे।

लॉकडाउन चल रहा है, ऐसे में अगर कोई संत महात्मा ब्रह्मलीन होते हैं तो उस इलाके के ग्रामीण और आसपास के साधु संत ही उनकी समाधि में शामिल हों। उन्होंने कहा है कि बाहरी जिले से साधु-संतों को समाधि में जाने की फिलहाल लॉकडाउन तक कोई आवश्यकता नहीं है।

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