पाक से आए हर शरणार्थी को देंगे नागरिकता, रोक कर दिखाओ

जबलपुर

जबलपुर में गृहमंत्री अमित शाह के आक्रामक तेवर

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को आक्रामक तेवर दिखाए। एक रैली में शाह ने कहा कि पाकिस्तान से प्रताड़ित होकर आए सभी लोगों को भारत की नागरिकता देने तक हम आराम से नहीं बैठेंगे। ऐक्ट का विरोध कर रहे विपक्षी दलों पर बरसते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, ‘कांग्रेस वालों आप सीएए का जितना चाहें विरोध करें, लेकिन पाक से उत्पीड़न का शिकार होकर आए हर व्यक्ति को भारत की नागरिकता देने तक हम शांत नहीं बैठेंगे।’ उन्होंने कहा कि ऐसे सभी लोगों को नागरिकता देने के बाद ही हम आराम करेंगे। इससे हमें कोई नहीं रोक सकता।

शाह ने कहा कि भारत पर जितना हक मेरा-आपका है, उतना ही पाकिस्तान से उत्पीड़न के चलते आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, ईसाई और पारसी शरणार्थियों का भी है। वे भारत के बेटा-बेटी हैं।

ह्यूमन राइट्स के चैंपियनों को पाकिस्तान में दुष्कर्म, धर्म परिवर्तन और प्रताड़ित हो रहे लाखों-करोड़ों लोग दिखाई नहीं देते। उन्होंने राहुल गांधी और ममता बनर्जी को चुनौती दी कि वे सीएए का एक प्रावधान बताएं, जिससे किसी की नागरिकता जाती है। शाह ने सीएए के मुद्दे पर पीछे ना हटने की बात पर जोर देते हुए कहा, ‘कांग्रेस वालों कान खोल कर सुन लो, ये सारे लोगों को नागरिकता देकर ही हम दम लेंगे।’

बंटवारे को लेकर कांग्रेस पर निशाना

शाह ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी ने देश का बंटवारा धर्म के आधार पर किया। बंटवारे के समय पूर्वी और पश्चिमी पाक से हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई को भारत आना था, मगर उस समय स्थिति सही नहीं होने के कारण वे वहीं रह गए। हमारे देश के सभी नेताओं ने आश्वासन दिया कि आप अभी वहां रह जाइए और आप जब भी कभी भारत आएंगे तो स्वागत होगा।’

महात्मा गांधी का भी किया जिक्र

गृहमंत्री शाह ने कहा, ‘2 जुलाई 1947 को महात्मा गांधी जी ने कहा था जिन लोगों को पाकिस्तान से भगाया गया, जो पाकिस्तान में रह गए हैं, उनको पता होना चाहिए कि वे भारत के नागरिक थे, वह जब भी भारत में आना चाहते हैं भारत उनको नागरिकता देगा। आज सारे कांग्रेसी पूरे देश में सीएए का विरोध कर रहे हैं। जो गांधी जी ने कहा था, राहुल बाबा क्या आप गांधीजी की भी नहीं सुनोगे?’

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