इस टेक्नोलॉजी से अब सफाई कर्मियों को ट्रैक किया जा सकता है

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। टेक्नोलॉजी के मामले में भारत थोड़ा- थोड़ा कर आगे बढ़ रहा है। अभी तक आपने अपनी गाड़ी, नज़दीकी लोगों को ट्रैक करते आये थे लेकिन अब आप उन सफाईकर्मियों को भी ट्रैक कर सकते हैं। अरे वही सफाईकर्मी जो आपकी गली मोहल्ले से लेकर नालियों को साफ़ करते हैं।

अपने स्वच्छता कर्मचारियों को वास्तविक समय के आधार पर ट्रैक करने के लिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे ड्यूटी के घंटों के दौरान अपना काम नहीं छोड़ते हैं। इसके लिए पंचकूला नगर निगम ने अपने स्वच्छता कर्मचारियों को जीपीएस घड़ी प्रदान की है, जो उनका सटीक स्थान बता देता है।

पंचकूला नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी जरनैल सिंह ने कहा, “जैसे ही कर्मचारी अपने कार्यभारी क्षेत्र में प्रवेश करते हैं, उनकी उपस्थिति स्वतः ही दर्ज़ हो जाती है। यदि वे अपना क्षेत्र छोड़ देते हैं तो जीपीएस सक्षम घड़ी में ये साफ़ दिखाई देता है।”

उन्होंने कहा कि पहले शिकायतें थीं कि कुछ सफाई कर्मचारी केवल अपनी उपस्थिति दर्ज़ कराने आते हैं। फिर अपना काम किए बग़ैर ही चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि सिस्टम मार्च में पेश किया गया था। अगर हमें कोई संदेह होता है तो हम उन्हें एक सेल्फी लेने और हमें भेजने के लिए कहते हैं। हमारे पास उनके स्थान की निगरानी करने के लिए यहां एक नियंत्रण कक्ष है।

कार्यकारी अधिकारी आगे कहते हैं स्वच्छ सर्वेक्षण के अनुसार 2018 में स्वच्छता में हमारी रैंकिंग 142 थी लेकिन इस टेक्नोलॉजी के आने के बाद अगर आंकड़ों पर ध्यान दें तो 2019 में 71 तक हो गई थी। यानी हम 50 फ़ीसदी तक कम करने में सक्षम थे। हमारी कोशिश है कि 2020 में शीर्ष 20 में हमारा भी नाम शामिल हो।

नगर निगम ये सुविधा 15 जनवरी से कर्मचारियों को जीपीएस-सक्षम कलाई घड़ी प्रदान करेगा।
कमिश्नर केके यादव, जिन्होंने बीते 19 दिसम्बर को इस परियोजना की समीक्षा की थी उन्होंने कहा, “सभी विभागों को 24 दिसंबर तक सभी फील्ड कर्मचारियों और उनके कार्य क्षेत्रों की सूची सकारात्मक रूप से प्रस्तुत करने को कहा था।”

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