योगी सरकार ने रद्द की जल निगम के 1300 लोगों की नौकरियां

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। योगी सरकार ने जेई के 853 और लिपिक के 335 पदों पर हुई भर्तियां निरस्त कर दी हैं। समाजवादी पार्टी के शासनकाल में हुए जल निगम भर्ती घोटाले में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सभी पदों की नियुक्तियां रद्द करने के बाद अब उन अभ्यर्थियों पर कार्रवाई की तैयारी की है जिनके अंक बढ़ाए गए थे। जांच में ऐसे 175 अभ्यर्थी मिले हैं।

अब इनके खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही भर्ती प्रक्रिया में खर्च हुई धनराशि उन अफसर व कर्मचारियों से वसूल की जाएगी जो उस दौरान तैनात थे। साक्षात्कार बोर्ड में शामिल 35 विशेषज्ञों पर भी सरकार कार्रवाई करेगी। जरूरत पडऩे पर इनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई जा सकती है।

इसको लेकर एक आदेश जारी किया गया है। आदेश में कहा गया है कि अवर अभियंताओं व लिपिकों को अब तक प्राप्त हुए वेतन भत्ते आदि का संरक्षण प्राप्त रहेगा और उनसे इसकी कोई वसूली नहीं की जाएगी। विभागीय दायित्वों के निर्वहन में उनके द्वारा अब तक नियमानुसार किए गए प्रशासनिक एवं वित्तीय कृत्य विधिमान्य होंगे। मुख्य अभियंता ने अपने आदेश में कहा है कि इस दोषपूर्ण परीक्षा में दागी और बेदाग अभ्यर्थियों को अलग-अगल करना संभव नहीं है।

यह परीक्षा इस सीमा तक दोषपूर्ण है कि परीक्षा के परिणाम में किसी भी प्रकार का सुधार नहीं किया जा सकता और यह निरस्त किए जाने योग्य है। इस विधि-शून्य परीक्षा के आधार पर जो अभ्यर्थी नियुक्ति पाए हैं उनको व्यक्तिगत रूप से कारण बताओ नोटिस देने का औचित्य भी नहीं रह जाता है।

जल निगम भर्ती में घोटाले की पुष्टि होने से पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां की मुश्किलें बढ़नी तय हैं। इस मामले में एसआईटी की तरफ से दर्ज कराए गए मुकदमे में आजम खां भी आरोपी हैं। एसआईटी अब उनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दायर कर देगी।

एसआईटी ने 25 अप्रैल 2018 को शासन के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया था। इसमें आजम के अलावा तत्कालीन नगर विकास सचिव एसपी सिंह, जल निगम के पूर्व एमडी पीके आसुदानी व जल निगम के तत्कालीन मुख्य अभियंता अनिल खरे को नामजद करते हुए परीक्षा कराने वाली संस्था मेसर्स एपटेक लिमिटेड के अज्ञात अधिकारियों को अभियुक्त बनाया गया था। एसआईटी ने अपनी जांच पूरी करके शासन को सौंप दी थी। एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर ही नगर विकास विभाग ने जल निगम को भर्तियां निरस्त करने का निर्देश दिया था।

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