इन्हें आप कह सकते हैं इंसानियत के असली रतन

नई दिल्ली/मुंबई

कोरोना के खिलाफ जंग में देश के उद्योगपति मदद के लिए सामने आए हैं। टाटा ट्रस्ट ने कोरोना से निपटने के लिए 500 करोड़ रुपए की मदद का ऐलान किया है। टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा ने कहा कि इसके लिए इमर्जेंसी रिसोर्स की जल्द से जल्द आपूर्ति होनी चाहिए। टाटा ग्रुप के बाद टाटा संस ने 1000 करोड़ रुपए का ऐलान किया। कुल मिलाकर अब तक 1500 करोड़ रुपए की घोषणा की जा चुकी है। टाटा ग्रुप के ताज होटेल ने मुंबई में मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के अस्पतालों में भर्ती मरीजों, डॉक्टरों और अन्य मेडिकल कर्मियों के खाने का प्रबंध भी किया है।

बीएमसी ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है।

151 साल पुराने इस समूह में टाटा ग्रुप, टाटा संस और टाटा ट्रस्ट अलग-अलग हैं। टाटा ग्रुप में 100 से ज्यादा कंपनियां हैं। इसकी 17 लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन 9.20 लाख करोड़ रुपए है। टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस कहलाती है। इसी टाटा संस में टाटा ट्रस्ट की 66% हिस्सेदारी है। रतन टाटा ने अपने ट्वीट में कहा कि कोरोना वायरस का संकट सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। टाटा संस और टाटा ग्रुप की कंपनियां पहले भी देश की जरूरत के वक्त आगे रही हैं, लेकिन मौजूदा जरूरत सभी दौर की जरूरतों के मुकाबले सबसे बड़ी है।

इससे पहले मेदांता ग्रुप के अनिल अग्रवाल ने 100 करोड़ का ऐलान किया। महिंद्रा ग्रुप के आनंद महिंद्रा ने कहा है कि वह एक महीने की पूरी सैलरी देंगे। पेटीएम के सीईओ विजय शेखर शर्मा ने कहा है कि वह पांच करोड़ देंगे। हीरो साइकल्स कोरोना वायरस से निपटने के लिए कंपनी के इमरजेंसी फंड में से 100 करोड़ रुपए देने का ऐलान पहले ही कर चुके हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री राहत कोष में 5 करोड़ रुपए दे चुके हैं। रिलायंस फाउंडेशन ने बीएमसी के साथ मिलकर मुंबई के सेवन हिल्स हॉस्पिटल में कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए 100 बेड का सेंटर बनाया है। महाराष्ट्र के लोधीवली में आइसोलेशन सेंटर भी बनाया है।

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